Google Map क्या है? Google Map कैसे यूज़ करें? आइए जानें
Google Map क्या है?
गूगल मैप एप फ़ोन में उपस्थित एक सोफ्टवेयर डिवाइस है जिसको गूगल मैप के नाम से जाना जाता है। यह आपको पृथ्वी पर उपस्थिति किसी भी स्थान को ढूंढने में मददगार होता है तथा गूगल मैप एप को बनाने में सबसे बड़ा सहयोग आसमान में लगी सेटल लाइट का रहा क्योंकि जब Google Map को बनाया गया था उस समय सबसे बड़ा सवाल यह था की पृथ्वी पर उपस्थित सभी स्थानों को गूगल मैप मे कैसे लाए।
तभी आसमान में उपस्थित सेटल लाइट के ज़रिए सभी स्थानों की तस्वीरों को मर्ज कर उससे ऐसी प्रथ्वी का निमार्ण किया गया जो सभी के फोन में एक सोफ्टवेयर डिवाइस के रूप मे उपस्थित है, जिसे हम गूगल मैप के नाम से जानते हैं। Google Map को इन्टरनेट कनेक्शन द्वारा स्थान को ढूंढने में किया जाता है।
Google Map क्यों बनाया गया था ?
Google Map को गूगल द्वारा लॉन्च किया गया था तथा इसे गूगल द्वारा बनाया गया है।
आपको Google Map के निर्माण के बारे में जानकर हैरानी होगी कि किस तरह एक विशाल मैप का निर्माण हुआ, कहा जाता है की गूगल के CEO सुंदर पिचाई के निजी ज़िंदगी में होने वाली एक दुघर्टना ने उन्हें गूगल जैसे विशाल सॉफ्टवेयर को निर्माण करने के लिए प्रेरित किया।
सुंदर पिचाई जी उस दुर्घटना के बाद पूरी रात यह सोच रहे थे की अगर मेरे पास मैप होता जिसके ज़रिए में सही स्थान और सही समय पर पहुँच जाता उनका मानना था कि अगर मुझे इतनी परेशानी हो रही है।
तो अन्य लोग किसी भी जगह को कैसे ढूंढते होंगे तथा सुंदर पिचाई जी ने तभी सुबह होते ही अपनी टीम को बुलाया और Google Map का प्रस्ताव रखा सुंदर पिचाई द्वारा रखा गया मैप का प्रस्ताव को सभी ने मना कर दिया और उनकी टीम के लोगो का मानना था की इस तरह का मैप बनना असंभव है।
लेकिन सुंदर पिचाई जी द्वारा जोर देने पर एक ऐसे एप को बनाने में मंजूरी मिली जो लोगो को स्थान का सही रास्ता बता सकें जिसका नाम गूगल मैप हैं।
Google Map सर्व प्रथम कहां उपयोग किया गया!
सुंदर पिचाई जी और उनकी टीम ने Google Map पर कई महीनों तक कड़ी मेहनत की और उसमे सफलता मिली।
Google Map पूर्ण रूप से 2005 में बनकर तैयार हुआ तथा सर्व प्रथम अमेरिका में इसका सुंदर पिचाई द्वारा प्रक्षेपण किया गया।
Google Map सर्व प्रथम अमेरिका में क्यों लॉन्च किया गया?
हम सब जानते हैं कि गुगल एक अमेरिका की कंपनी है जिसे इन्टरनेट द्वारा चलाया जाता है और इसे बनाने में लैरी पेज और सर्गी बिन ने अपना बडा योगदान दिया है। Google Map को गुगल के CEO सुंदर पिचाई ने बनाया जिस कारण हम यह कह सकते है कि Google Map को बनाने में अमेरिका की गूगल कंपनी का योगदान रहा।
इसलिए Google Map को 8 फरवरी 2005 को सबसे पहले अमेरिका में लॉन्च किया गया।
यह सबसे बड़ा कारण रहा होगा की गूगल कम्पनी अमरीका की है और बाद में इसे 2006 तक ब्रिटेन में इसका प्रक्षेपण हुआ तथा भारत में गूगल मैप को लाने से पहले इसपर दो वर्षो तक काम किया गया और 2008 में भारत को यह सुविधा प्रदान कराई गई।
Google Map को किस भाषा में उपयाेग किया जाता है?
Google Map कैसे यूज़ करें?
किसी भी स्थान की दूरी लोकेशन द्वारा पता कर सकते है की वह आपके स्थान से कितनी दूरी पर स्थित है। Google Map को खोलने पर नीचे दिए गए आपके सफ़ेद आइकन पर क्लिक करते ही आपकी करेंट लोकेशन खुल जाती है।
और आपको जिस स्थान की दूरी ज्ञात करनी है उसके लिए आपको ऊपर दिए गए सर्च बार पर लिखने उस स्थान का नाम लिखने के बाद आपको उस स्थान का पता चलता है।
और नीचे दिए गए नीले रंग के आइकन पर क्लिक करें जिसमें डायरेक्शन लिखा है जिस पर क्लिक करते ही आपको करेंट स्थान से उस स्थान की दूरी बताता है जिस स्थान की आपको खोज होती है।
इस प्रकार आप किसी भी स्थान की दूरी ज्ञात कर पाते है।
और यह जानेंगे की अपने आस पास मौजूद ज़रूरी चीजों का कैसे पता लगा सकते है?
यह जानने के लिए की निजी कार्यो के लिए उपयोगी स्थान आपके आस -पास कहाँ स्थित है उसके लिए आपको गूगल के सर्च बार में जाकर स्थानों जैसे ATM, सलून, स्कूल आदी का नाम लिखने पर आपके आस- पास सभी उपस्थित स्थानों की सूची खुल जाती है।
जिस पर क्लिक करते ही आपको इन स्थानों की दूरी और कितने समय में किस वाहन का उपयोग कर आप वहा पहुंच सकते है उसका पता चलता है।
गूगल मैप द्वारा आपको स्थान पर पहुंचने के लिए आपको दिशा निर्देश भी मिलते है।
Google Map में नीली और लाल रंग की लाइन क्या है?
- Google Map में दो रंग की लाइन यह निर्देश देती हैं की कहाँ जाम है और कहाँ जानें रास्ता के लिए रास्ता साफ है।
- लाल रंग की लाइन यह निर्देश देती है की उस स्थान पर जाम लगा हुआ है और नीली रंग की लाइन यह बताती है रास्ता साफ है।
निष्कर्ष
इस पेज मैं उपलब्ध Google Map की जानकारी और कुछ अन्य महत्वपूर्ण बातों का पता चलता है जो आपके लिए गूगल मैप को ओर अधिक समझने सहायक है। यह भी पता चलता की भारत के दिग्यज वैज्ञानिक और इंजीनियर भारत में कुछ चीजों की कमी के कारण दूसरे देशों में रहते हैं और उनके लिए काम कर उन्हें विकसित देश बनाने में सहायता प्रदान करते है।